सामूहिक मानसिक विक्षिप्तता के लिए
ईमानदारी ही इलाज है
बुराई की पकड़ तोड़ देगी
© 2026 एम.एन. हॉपकिंस
नोट: मैंने यह कविता कल लिखी और आज, 12 जून, 2026 को पहली बार प्रकाशित की है। दिखावा या बनावटीपन के बिना, ईमानदार और सच्चा संवाद वह कुंजी है जो मानवीय संबंधों के द्वार खोल देगी।
To read the original poem in English, please click on the link provided below:
https://mnhopkins.blogspot.com/2026/06/sincerity-is-cure-poem-by-mn-hopkins.html

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